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राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (सप्ताह) की स्थापना 4 मार्च, 1966 को की गयी इस दिन एक सप्ताह के लिए जिस स्थान पर कार्य होता है वहॉ सुरक्षा को बढावा दिया जाता है और इसी दिन भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को इसके प्रति जागरूक करने की शुरूआत की थी

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (National Safety Days)

मनाने का उद्देश्य 

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को कार्यस्थलों पर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है लेकिन सुरक्षा को बढ़ावा देना केवल परिषद की ही जिम्मेदारी नही बल्कि उसमें प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग होना चाहिए तभी राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्धारा प्रारम्भ किया गया यह अभियान सफल हो पायेगा और जब लोगों ने अपने अधिकार एवं कर्तव्यों के बारे में सोचा इससे पूर्व 1930 में एक जर्मन वैज्ञानिक एच. डब्ल्यू . हेनरिच ने उद्घोष किया - “दुर्घटना होती नहीं , की जाती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के प्रति व्यक्तियो को जागरूक करने के लिए सरकार द्धारा कई प्रकार के आयोजन किए जाते है - इस संगठन के कर्मचारियों द्धारा सुरक्षा के कार्यक्रम दिखाना, अभियान से सम्बंधित फिल्म दिखाना, अभियान से सम्बंधित व्यक्तियों को पुरस्कार वितरित करना, अभियान से पोस्टर लगाना, नारा वितरण करना, चर्चा करना, सेमिनार करना आदि विभिन्न सार्वजनिक समारोह जैसे निम्न राष्ट्रीय स्तर के क्रियाकलाप पूरे सप्ताह के लिये संपन्न होते हैं।

मुख्य तथ्य

  • एनटीपीसीअंता ने द्धारा 46वां राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जायेगा । समारोह के मुख्य अतिथि तथा एनटीपीसी महाप्रबंधक देबोज्योति नंदी होंगे
  • राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस 2017 की थीम "सुरक्षा एवं स्वास्थ्य में नेतृत्व से व्यवसाय में स्थिरता बदलती है
Tag - राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस, National Safety Day and National Safety Week observed in Hindi, Why do we celebrate National Safety Day


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