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चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक बहुत सामान्‍य भौगौलिक घटना है जो प्रथ्‍वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा और चन्‍द्रमा द्वारा प्रथ्‍वी की परिक्रमा लगाने की वजह से होता है तो आईये जानते हैं चंद्र ग्रहण कैसे होता है - Information About Lunar Eclipse in Hindi

चंद्र ग्रहण कैसे होता है - Information About Lunar Eclipse in Hindi

चंद्र ग्रहण कैसे होता है - Information About Lunar Eclipse in Hindi


जैसा कि आपको पता है पृथ्वी अपनी घुरी पर सूर्य परिक्रमा करती है और पृथ्वी का उपग्रह चन्‍द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है अब चन्‍द्रगहण तब होता है जब सूर्य की परिक्रमा करती हुई पृथ्वी सूर्य व चन्द्रमा के बीच इस प्रकार से आ जाती है कि पृथ्वी की छाया से चन्द्रमा का पूरा या आंशिक भाग ढक जाता है और इससे सूर्य का प्रकाश चन्द्रमा तक नहीं पहुॅच पाता है और इसी भौगौलिक घटना का हम चन्‍द्रग्रहण कहते हैं 

चन्द्र ग्रहण पूर्णिमा को ही क्‍यों होता है 

चन्‍द्रगहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है चन्द्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से 50 झुकी हुई है जिसके कारण प्रत्येक पूर्णिमा को चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सरल रेखा में नहीं हो पाते हैं लेकिन जिस भी पूर्णिमा को पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं तो चन्‍द्रगहण होता है इसी वजह से चन्‍द्रगहण हमेशा पूर्णिमा को ही होता है यदि चंद्रमा पूर्ण रूप से दिखाई नहींं देता है तो पूर्ण ग्रहण होता है और यदि आंशिक रूप से धूमिल होता है, तो आंशिक चन्द्र ग्रहण होता है।

चन्‍द्रगहण के अन्‍य प्रकार 

सुपर मून (Super Moon)

सुपर मून उस स्थिति में होता है जब चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी घटती है और पृथ्वी सूर्य एवं चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस स्थिति को सुपर मून कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा बहुत बड़ा और चमकीला दिखता है। 

ब्लू मून (Blue Moon)

इस स्थिति में पूर्ण चंद्रमा दिखता है लेकिन चंद्रमा के निचले हिस्से से नीला प्रकाश निकलता दिखेगा। इसे ब्लू मून कहा जाता है। माना जाता है कि अगला ब्लू मून 2028 और 2037 में दिखेगा। 

ब्लड मून (Blood Moon)

इस स्थिति में पृथ्वी की छाया पूरे चंद्रमा को ढंक लेता है लेकिन फिर सूर्य की कुछ किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं। जब सूर्य की किरणे चंद्रमा पर गिरती हैं तो यह लाल दिखता है। इसी कारण इसे ब्लड मून कहा जाता है। 

सुपर ब्लड ब्लू मून - Super Blue Blood Moon

एशिया में 31 जनवरी, 2018 को 35 साल बाद 35 सालों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब ब्लू मून, ब्लड मून और सुपर मून एक साथ दिखेगा या 2018 का पहला चन्‍द्रगहण होगा जिसमें 'सुपरमून', 'ब्लू मून' और 'ब्लड मून' एक ही रात में दिखेंगे। इसलिए इस बार के चंद्रग्रहण को 'सुपर ब्लड ब्लू मून' कहा जा रहा है। दरअसल यह सिर्फ चंद्रग्रहण ही नहीं बल्कि पूर्ण चंद्रग्रहण है 


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