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कर्क रेखा, मकर रेखा और भूमध्‍य रेखा क्‍या है - What is Cancer line, Capricorn and Equator in Hindi

कर्क रेखा क्‍या है - What is the cancer line

कर्क रेखा उत्‍तरी गोलार्ध में भूमध्‍य रेखा के समानान्‍तर पर ग्‍लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई काल्‍पनिक रेखा हैं। कर्क रेखा पृथ्‍वी की उन पांच प्रमुख अक्षांश रेखाओं में से एक है जो कि पृथ्‍वी के मानचित्र पर परिलक्षित है कर्क रेखा को पृथ्‍वी की उत्‍तरतम अक्षांश रेखा भी कहते हैं, जिस पर सूर्य दोपहर के समय लम्‍बवत चमकता है। यह घटना जून क्रांति के समय होती है, जब उत्‍तरी गोलार्द्ध सूर्य के समकक्ष बहुत ज्‍यादा झुक जाता है इस रेखा की स्थिति स्‍थायी नहीं होती है तथा इसमें समय के साथ-साथ बहुत हेर-फेर देखने को मिलता है। जब सूर्य इस रेखा पर बिल्‍कुल उपर होता है तो उत्‍तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे लंबा और रात सबसे छोटी होती है और इस दिन गर्मी भी ज्‍यादा रहती है, कयोंकि इस दिन सूर्य की किरणें यहां एकदम लंबवत पड़ती हैं। कर्क रेखा लगभग भारत के मध्‍य से गुजरती है यहां निम्‍न राज्‍यों से होकर जाती है- राजस्‍थान, गुजरात, मध्‍यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़, झारखण्‍ड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम। 

मकर रेखा क्‍या है - What is capricorn 

मकर रेखा वह काल्‍पनिक रेखा है जो पृथ्‍वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में भूमध्‍य रेखा के समानान्‍तर 23 डिग्री 26’22’’ दक्षिण अक्षांश ग्‍लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई है। 22 दिसम्‍बर को सूर्य मकर रेखा पर लम्‍बवत होता है इसे मकर संक्राति कहते हैं इस दिन दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है। मकर रेखा के उत्‍तर तथा कर्क रेखा के दक्षिण में स्थित क्षेत्र उष्‍णकटिबन्‍ध कहलाता है। मकर रेखा के दक्षिण में स्थित अक्षांश, दक्षिण शीतोष्‍ण क्षेत्र में आते हैं। 

भूमध्‍य रेखा क्‍या है - What is the equator

भूमध्‍य रेखा वह काल्‍पनि‍क रेखा है जो पृथ्‍वी की सतह पर उत्‍तरी ध्रुव एवं दक्षिणी ध्रुव से सामान दूरी पर स्थि‍त है। भूमध्‍य रेखा पृथ्‍वी को उत्‍तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध में विभाजित करती है दूसरे शब्‍दो में कहा जाए तो पृथ्‍वी के केंन्‍द्र से सर्वाधिक दूरस्‍थ भूमध्‍यरेखीय उभार पर स्थित बिन्‍दुओं को मिलाते हुए ग्‍लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई काल्‍पनिक रेखा को भूमध्‍य या विषुवत रेखा कहते हैं। यह पृथ्‍वी की वह स्थिति है जब सूर्य की किरणें विषुवत रेखा पर लम्‍बवत पड़ती है और सर्वत्र दिन एवं रात बराबर होते हैं। 22 सितम्‍बर और 21 मार्च को सम्‍पूर्ण पृथ्‍वी पर दिन एवं रात बराबर होते हैं इसे क्रमश: शरद विषुव एवं वसंत विषुव कहते हैं।


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