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पर्वत (Mountain) भूमि का एक ऐसा भाग है जो निकट के धरातल से अत्‍यधिक ऊँचाई में उठा हो, या फिर वह अकेले ऊॅंचा हो अथवा किसी श्रेणी में या किसी श्रृंखला में हो, पर्वत कहलाता है। साधारण भाषा में कहा जाये तो पर्वत भूमि का सबसे अधिक ऊँचा तथा विशाल भाग होता है जो भूमि के एक बड़े भाग पर अवस्थिति होता है। आईये जानते हैं पर्वत (Mountain) के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी - Important information about Mountain

पर्वत क्‍या है और इसके प्रकार - What is The Mountain And its Type in Hindi

पर्वत क्‍या है और इसके प्रकार - What is The Mountain And its Type in Hindi 

भूगोलवेत्‍ताओं के अनुसार धरती के 600 मीटर से अधिक की ऊँचाई वाले भाग को पर्वत कहते हैं और उससे नीचे के उठे भाग को पहाडि़यां कहते हैं। समस्‍त भूपटल के लगभग 26 प्रतिशत भाग पर पर्वत एवं पहाडि़यां हैं जो भूपर्पटी के द्धितीय श्रेणी के उच्‍चावच है।

अनेक वैज्ञानिकों के अपने-अपने पर्वत निर्माण के कुछ सिद्धांत हैं जो निम्‍न प्रकार हैं- 
  • हैरी हेस तथा मैंकेजी का प्‍लेट विर्वतनिक सिद्धांत
  • कोबर का भूसन्‍नति सिद्धांत 
  • जेफ्रीज का तापीय संकुचन सिद्धांत
  • होम्‍स का संवहन तरंग सिद्धांत
  • वेगनर का महाद्धी‍पीय विस्‍थापन
  • जोली का रे्डियो एक्टिविटी सिद्धांत
निर्माण प्रक्रिया के आधार पर पर्वतों को निम्‍नलिखित रूप से विभाजित किया जाता है- 
  1. वलित पर्वत (Folded Mountains)- ये पृथ्‍वी की आन्‍तरिक शक्तियों से धरातल की चट्टानों के मुड़ जाने से बनते हैं। ये लहरदार पर्वत हैं जिनमें असंख्‍य अप‍नतियां और अभि‍नतियां होती है। वलित पर्वतों के निर्माण का आधुनिक सिद्धांत प्‍लेट टेक्‍टोनिक की संकल्‍पना पर आधारित है। भारत का अरावली पर्वत विश्‍व के सबसे पुराने वलित पर्वतों में गिना जाता है इसकी सबसे ऊँची चोटी माउण्‍ट आबू के निकट गुरूशिखर है जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई 1722 मीटर है। वलित पर्वत के उदाहरण- हिमालय, आल्‍पस, यूराल, रॉकीज, एण्‍डीज आदि।
  2. भ्रंशोत्‍य पर्वत ( Block Mountains)- जब चट्टानों में स्थित भ्रंश के कारण मध्‍य भाग नीचे धँस जाता है तथा अगल-बगल के भाग ऊँचे उठे प्रतीत होते हैं, तो ब्‍लॉक पर्वत कहलाते है और बीच में धँसे भाग को रिफ्ट कहते हैं। विश्‍व की सबसे लंबी रिफ्ट घाटी जार्डन नदी की घाटी है, जो लाल सागर की बेसिन से होती हई जेम्‍बजी नदी तक 4800 किमी लंबी है।
  3. ज्‍वालामुखी पर्वत (Volcanic Mountains)- ज्‍वालामुखी पर्वत का निर्माण ज्‍वलामुखी से निकलने वाले लावा आदि पदार्थों के इकठ्ठा होने से होता है। इसकी आकृति शंकुनुमा होती है। इसके सबसे ऊपरी भाग में कीपनुमा गड्ढ़ा होता है जिसे क्रेटर कहते हैं। जैसे- किलिमंजारो, माउन्‍ट रेनियर, फ्यूजीयमा, एकांकागुआ आदि।
  4. गुम्‍बदनुमा पर्वत (Domed Mountains)- गुम्‍बदनुमा पर्वत का निर्माण पृथ्‍वी के धरातलीय भाग में चाप के आकार में उभार होने से धरातलीय भाग ऊपर उठ जाता है तो उसे गुम्‍बदनुमा पर्वत कहते हैं। जैसे- संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका की ब्‍लैक पहाडि़यां, सिनसिनाती उभार और हेनरी पर्वत।
  5. अवशिष्‍ट पर्वत (Residual Mountains)- अवशिष्‍ट पर्वत का निर्माण एक लंबे समय अंतराल में अपरदन की प्रक्रिया द्वारा काट-छांट से निर्मित होते हैं, अवशिष्‍ट पर्वत कहते हैं। जैसे- नीलगि‍री, पारसनाथ, राजमहल की पहाडि़यां (भारत), सीयरा (स्‍पेन), गैसा एवं बूटे (अमेरिका)।


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