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समुद्र तट के किनारे सागरिय लहरों से कई प्रकार की स्थलाकृति या निर्मित होती हैं यश कलाकृतियां सागरीय तट को इन स्थल आकृतियों का निर्माण सागरीय लहरों से होता है सागरीय लहरें सागर के तटीय भाग पर अपरदन कार्य में सबसे अधिक सहयोग करती हैं और यह लहरें प्रमुख तौर से वायु के द्वारा उत्पन्न होती हैं जब समुद्र तट पर वायु चलती है तो सागर की सतह पर रगड़ होती है जिस द्वारा यह लहरे उत्पन्न होती हैं तो आइए जानते हैं सागरीय लहरों द्वारा उत्पन्न स्थलाकृति या कौन-कौन सी हैं - सागरीय लहरों द्वारा निर्मित तटीय स्‍थलाकृतियां - Coastal Installations Made By Sea Waves

सागरीय लहरों द्वारा निर्मित तटीय स्‍थलाकृतियां - Coastal Installations Made By Sea Waves

विश्‍व की प्रमुख पर्वत श्रेणियां
  1. पुलिन - तटवर्ती क्षेत्रों में सागरीय तरंगों के अपरदन से प्राप्‍त रेतों के जमाव से विकसित बालुकामय मैदान को पुलिन कहते हैं।
  2. टम्‍बोलो- तट के किसी दृीप या शीर्ष स्‍थल से किसी दृीप को मिलाने वाली रोधिका को टम्‍बोलो कहते हैं।
  3. तटीय क्लिफ- सागरीय तंरगों द्वारा अपरदन से जब कोई सागर तट एकदम सीधा खड़ा होता है तो उसे तटीय भृग या क्लिप कहा जाता है।
  4. तटीय कन्‍दरा - सागरीय तरंगों के अपरदन क्रिया से विकसित चट्टानी खोह को कन्‍दरा कहते हैं।
  5. स्‍टैक - प्राकृतिक मेहराब के ध्‍वस्‍त होने से चट्टान का अगला भाग समुद्री जल के बीच एक स्‍तम्‍भ की भांति खड़ा रहता है, जिसे स्‍टैक कहा जाता है।


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